अंधेरगर्दी

आम आदमी का दर्द ......

26 Posts

343 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 4181 postid : 8

अंधेर गर्दी

Posted On: 3 Jan, 2011 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

आज मै जब अपने ब्लॉग का नाम सोचा तो काफी विचार करने के बाद एक ही
चीज़ स्पष्ट दिखाई दी वो है अंधेर गर्दी . वो कहते है ना अंधेर नगरी चौपट रजा . बस वो
मैंने title रखा.
पर क्यों? इसका जवाब कभी बाज़ार जाओ तो मिल जायेगा . लहसुन तो अब सुनार के दुकानों पे मिलने योग्य हो गया है . प्याज़ तो खैर सभी जानते है . टमाटर भी प्याज़ का रंग देख कर लाल हुआ जाता है . ऐसे में महज़ ५ हज़ार कमाने वाले हम ८० प्रतिशत भारतीय
लोग कहा जाये.
ये थे एक तस्वीर . अब दूसरी तस्वीर देखिये . लाखो के वेतन भत्ते पाने वाले सांसद कैंटीन में खाने की दर बढ़ाये जाने से नाराज़ है (नवभारत times ,३० dec ). !!!!
अब रेट सुनिए :
चाय :५० पैसे से बढ़कर दो रूपये हुए
समोसा : एक रुपया
डोसा : २ रुपया

अब आप बताओ की ये ज्यादती नहीं है इन गरीब सांसदों (??)के साथ ..

अब एक खबर : शरद पवार माननीय मंत्री …

“कीमत बढ़ने के लिए मीडिया जिम्मेदार है”
“जनता जिम्मेदार है महंगाई के लिए”
“लोग ज्यादा खाने लगे है इसलिए महंगाई बढ़ी है ”

जी हुजुर हम ही जिम्म्मेदार है जो बिल्ली को दूध की रखवाली सौप गए है.
अब हम बस खम्भा नोच सकते है या फिर खुद का घर जलते देख तमाशा देख सकते है
आपको करोडो गिनने से फुर्सत रहेगी तब न बजार या खेत का हाल लोगे.

एक खबर :
सुप्रीमकोर्ट :
” अनाज सड रहा है तो गरीबो में क्यों नहीं बाट देते ”
जवाब:
” अनाज बाटना व्यावहारिक नहीं है”

कैसे होगी फिर शराब कैसे बनेगी ..

:खैर जो हो मै तो रो भी नहीं सकता . अनसु ही सुख गए है . जारी है.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (7 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

6 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

nishamittal के द्वारा
January 4, 2011

अच्छा लिखा है आपने बधाई.

    deepakkr के द्वारा
    January 4, 2011

    धन्यवाद् , प्रत्रिक्रिया के लिए . बस आप लोगो के लेख पढ़ कर कुछ सिखा है.

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
January 3, 2011

बहुत खूब…………

    deepakkr के द्वारा
    January 4, 2011

    आप सब विद्वजनो के आशीर्वाद का आकाशी हु . टिप्पणी के लिए धन्यवाद्.

abodhbaalak के द्वारा
January 3, 2011

पाण्डेय जी बड़ी ही परिपक्व सोच है आपकी, बहुत ही सुन्दर लेख, आज के दुआर में बढती हुई महंगाई और हमारे (गरीब) राजनेता…. ऐसे ही लिखते रहें http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    deepakkr के द्वारा
    January 4, 2011

    हर दिल में चिंगारी है , जरूरत उसे हवा देने की है . आज जिस अंधेर गर्दी से हम गुजर रहे है उस दौर में इस चिंगारी को आग बनाने की जरूरत है न की राख़ . टिप्पणी के लिए धन्यवाद्.


topic of the week



अन्य ब्लॉग

  • No Posts Found

latest from jagran