अंधेरगर्दी

आम आदमी का दर्द ......

26 Posts

343 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 4181 postid : 23

तारीख पे तारीख :तारीख पे तारीख :

  • SocialTwist Tell-a-Friend

tarikh pe

tarikh pe

ये है एक पजाब के पुत्तर सन्नी देवल जिन्होंने दामिनी में ये गुहार लगाई के “तारीख पे तारीख मिलती रही जज साहब मगर इन्साफ नहीं मिला”.

अब देखिये दुसरे पंजाबी पुत्तर को जो देश के आका है :
manmohan_singh

आज जनता इस पंजाबी पुत्तर से पूछ रही है आखिर कब मिलेगा इन्साफ . कब हम महंगाई डायन के चुंगल से निकालेंगे . और ये सरदार देता है तारीख पे तारीख .

सिर्फ यही क्यों सरकार का हर मंत्री अपने हिसाब से सिर्फ और सिर्फ दे रहे है
तारीख पे तारीख . आखिर उन्हें कौन समझाय की तारीख और आश्वाशन से पेट नहीं भरता.

जब से ये कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है वह महंगाई रोकने के ही वादे किये जा रही है
पर महंगाई है की रुकने का नाम ही नहीं ले रही है . इसने कहा की dec तक महंगाई काबू में आ जाएगी . dec का हाल सबने देख लिया . अब उन्होंने नई तारीख दी है.

अब ये है नए मसीहा हमारे कृषि मंत्री
Sharad_Pawar_300

इनसे कोइ पूछे की कीमते कब काबू में आयेगी तो कह देंगे की मै कोई जादूगर थोड़ी हु.
हाँ भाई हमने आपको इसलिए थोड़ी बैठाया है . आप तो बस ipl का काम काज देखो . और अपने बेटी दामाद को अमीर बनाओ . वैसे भी आपको नोट गिनने से फुर्सत रहेगी तब तो .
और लवासा में कितना अच्छा स्वर्ग बना रहे है . साधुवाद . हम आम जन मरे थोड़ी न जा रहे है .

ये है हमारे बबुआ युवराज
Rahul-Gandhi103

इनका कहना तो लाजवाब है की महंगाई गठबंधन सरकार की मजबुरिया है . अगर अकेली कांग्रेस की सरकार होती तो महंगाई नहीं होती .
खैर आप तो स्वप्न देखो इसका .

अब जनता ढूंढ़ रही है वो तारीख जब इनको असली काम याद दिला सके .
कहते है ना: every dog has his day.

चित्र : google images से साभार

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (16 votes, average: 4.13 out of 5)
Loading ... Loading ...

12 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Amit Dehati के द्वारा
January 17, 2011

दीपक जी बहुत-बहुत धन्यवाद ! तारीख पे तारीख , तारीख पे तारीख ,तारीख पे तारीख ………………….. बस पाण्डेय जी कहते है देर है पर अंधेर नहीं. गए माघ अब उन्नतीस बाकि ….विहार चुनाव ने आपको उस तारीख की तारीख दी है धन्यवाद ! http://amitdehati.jagranjunction.com

    deepak pandey के द्वारा
    January 18, 2011

    हमको लगता है की राजनैतिक आपात काल आ चूका है देश में . किसी नेता को जनता का दर्द का अहसास ही नहीं है . रावण का अट्टहास ले रहे है मंत्री गण. प्रतिक्रिया के लिए धन्याद.

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
January 17, 2011

भाई दीपक जी…….. अब जनता को भी तारीख (चुनाव की ) पर इस सरकार को फिर 5 साल बाद की तारीख देनी होगी……………

    deepak pandey के द्वारा
    January 17, 2011

    क्या इस तारीख को थोडा पहले नहीं ला सकते…

nishamittal के द्वारा
January 14, 2011

परिश्रम से प्रकाशित लेख पर बधाई.हाँ गूगल से चयनित चित्र सटीक थे.

    deepak pandey के द्वारा
    January 16, 2011

    निशा जी प्रणाम aapne लेख पढ़ा और पसंद आयी उसके लिए धन्यवाद् . चित्र तो बस हास्य के लिए थे .

Sachin Jain के द्वारा
January 13, 2011

Deepak Pandey ji janta mahangai k khilaf leaders k fail hone k bare me likhe article k liye bahut bahut bdhai

    rajkamal के द्वारा
    January 13, 2011

    प्रिय दीपक जी …. नमस्कार ! *आप अपने लेख कों उसके विषय के मुताबिक ही एक या फिर दो कैटिगिरी में डाला करे …. *इस बार तो चित्र आपका साथ देकर बहुत कुछ कह गए .. लेकिन आगे से कुछ ज्यादा शब्दों में अपने विचार रखने की कोशिश कीजियेगा ….. आपने अपने इस लेख में एक आमजन की समस्या कों रखा है …. लेकिन अगर कोई दूसरी विपक्षी पार्टी होती तो तब भी तो सरकार गठबंधन की ही होती ….और तब भी शायद महंगाई इतनी ही होती … एक आम नागरिक की किस्मत में तो पिसना ही लिखा है , सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो

roshni के द्वारा
January 13, 2011

दीपक जी बहुत अच्छा लिखा अपने आज फिल्म का ये dialog हम सब देश वासियों पे सटीक बैठ रहा है

वाहिद काशीवासी के द्वारा
January 13, 2011

तारीख पे तारीख … सत्ता पर काबिज़ नेताओं के पास जनता को देने के लिए इसके सिवा कुछ भी नहीं| सुन्दर आलेख पर बधाई|

Dharmesh Tiwari के द्वारा
January 13, 2011

दीपक जी एक जबरदस्त प्रहार ,धन्यवाद!

    deepak pandey के द्वारा
    January 13, 2011

    धर्मेश भाई मै कोई लेखक या पत्रकार नहीं हु . एक आम आदमी . बस एक आदमी जो अंधेर गर्दी देख रहा है उस का परिणाम जल्द ही दृष्टिगोचर होगा . प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद . ये हमारे उत्साहवर्धन का कारण बनते हैं.


topic of the week



अन्य ब्लॉग

  • No Posts Found

latest from jagran