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ये कैसा चाहतों का सिलसिला है ........"valentine contest"

Posted On: 1 Feb, 2011 Others,लोकल टिकेट में

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valentine डे के अवसर पर मै कुछ विचार पेश करता हु ……….
ये कैसा चाहतों का सिलसिला है ,
न तुमसे शिकायत न खुद से गिला है .
ज़िन्दगी किस मोड़ पर ले आई है मुझे ,
न तुमको पाने की हिम्मत है और ,
न ही तुमको खोने का हौसला है .
मुझे तडपाने की अजीब तुम्हारी अदा है ,
शायद तुझे न पाने की ये सजा है .
केसे खो दूं एक पल में मैं तुझे ,
बड़ी मुद्दत से तू मुझे मिला है .
अब तो जीना भी मुश्किल हो गया तेरे बिन ,
महफ़िल भी तनहा हो गयी तेरे बिन .
ज़िन्दगी किस मोड़ पर ले आई है मुझे ,
न तुमको पाने की हिम्मत है और ,
न ही तुमको खोने का हौसला है .



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24 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Mithila के द्वारा
February 28, 2011

Deepak Ji, Kya baat hai…maine aapke dwara likhi gayi sari lekh padhi…mobile wala to kafi acha hai..aapne jis tarike se apni vyahao ka varnan kiya hai…prashansak hai…humari taraf hai vinti hai apko k aap aur likhe…yah racha bhi kafi khubsurat hai…..Do keep Writing like this…

    deepak pandey के द्वारा
    March 1, 2011

    thanks , i will . so keep reading. :)

rahul kumar (Bijupara,Ranchi) के द्वारा
February 9, 2011

क्या खूब कही आपने…………. बहुत खूबसूरत….. ऐसी रचनाओं का मैं कायल हूँ….. बहुत बहुत बधाई…..

    deepak pandey के द्वारा
    February 10, 2011

    धन्यवाद राहुल जी,

वाहिद काशीवासी के द्वारा
February 5, 2011

न तुमको पाने की हिम्मत है और , न ही तुमको खोने का हौसला है.. बहुत ही अच्छा मिसरा लिखा आपने दीपक जी|

    deepak pandey के द्वारा
    February 7, 2011

    वाहिद जी , प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद.

deepak pandey के द्वारा
February 5, 2011

पियूष जी , धन्यवाद प्रितिक्रिया के लिए.

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
February 4, 2011

न तुमको पाने की हिम्मत है और , न ही तुमको खोने का हौसला है.. सुन्दर पंक्तियाँ……….. दीपक भाई…… हार्दिक शुभकामनाएं वेलेंटाइन कांटेस्ट के लिए…….

HIMANSHU BHATT के द्वारा
February 3, 2011

दीपक जी ….. सुंदर काव्य रचना…. शुभकामनायें….

    deepak pandey के द्वारा
    February 4, 2011

    हिमांशु जी, नमस्कार. एवं धन्यवाद आपका..

Shailesh Kumar Pandey के द्वारा
February 3, 2011

प्रिय दीपक जी, आपकी कविता बहुत ही अच्छी लगी, आपने सुन्दर भावों को सुन्दर अभिव्यक्ति दी है, जिसके लिए आपको बधाई, एवं शुभकामनाएं —————————————————————————– ये कैसा चाहतों का सिलसिला है , न तुमसे शिकायत न खुद से गिला है . ज़िन्दगी किस मोड़ पर ले आई है मुझे , न तुमको पाने की हिम्मत है और , न ही तुमको खोने का होंसला है . —————————————————————– ये पक्तियां बहुत ही सुन्दर हैं, होंसला को सही कर दीजिये (हौसला), तडफाने (तडपाने)

    deepak pandey के द्वारा
    February 3, 2011

    शुक्रिया आपका . और सुझाव के लिए धन्यवाद. मैं वह किए देता हूँ.

nishamittal के द्वारा
February 3, 2011

क्या बात है दीपक कविता लिखने में विशेषज्ञ बन रहे हो,फोटो किसी और की तो नहीं लगा राखी ब्लॉग पे.चेहरे से छोटे पर कविता………

    deepak pandey के द्वारा
    February 3, 2011

    विशेशज्ञं कैसा , ये तो मैंने तब लिखी थी जब मै १२वि में पढता था . ये फोटो शत प्रतिशत मेरी है . और ताज़ी भी.

    deepak pandey के द्वारा
    February 3, 2011

    वैसे विशेषग्य बोल कर आपने मेरा मान बढाया . आपने पढ़ा उसके लिए धन्यवाद.

Manish Singh "गमेदिल" के द्वारा
February 2, 2011

न तुमको पाने की हिम्मत है और , न ही तुमको खोने का होंसला है ………………. प्रेम की यह ज्योति जलाये रखिये फिर देखिएगा हर जगह बस आपकी ही खुशियों की रौशनी होगी…………

    deepak pandey के द्वारा
    February 2, 2011

    हम दिल में गम को छुपाये रहते है , शमा मोहब्बत की जलाये रखते हैं. उनकी यादो को याद रखना है . इसलिए खुद को भुलाये रखते है. धन्यवाद आपका..

Alka Gupta के द्वारा
February 2, 2011

दीपक जी , सुन्दर रचना ! कॉन्टेस्ट के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं !

    deepak pandey के द्वारा
    February 2, 2011

    अलका जी आपको पसंद आयी . धन्यवाद..

rajkamal के द्वारा
February 1, 2011

मुझे ‘तड़पाने’ की अजीब तुम्हारी अदा है , आपकी यह अदा तो हमारे दिल को छू गई है प्रिय दीपक जी …. बहुत अच्छे …. सुंदर रचना पर ढेरों बधाइयाँ

    deepak pandey के द्वारा
    February 2, 2011

    शुक्रिया , सदियों तक तड़प कर ही तो ये अदा पायी है . शुक्र खुदा का ये आपके दिल को छू आयी है.

abodhbaalak के द्वारा
February 1, 2011

सुन्दर रचना दीपक जी प्रेम के रस में डूब कर लिखी हुई, ऐसे ही लिखते रहें http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    deepak pandey के द्वारा
    February 1, 2011

    शुक्रिया , आगे भी ऐसे हर रंग के लेख मिलेंगे .


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